Indian Satellites and Launch Vehicles | भारत के उपग्रह एवं प्रक्षेपण यान

भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने संचार, मौसम, नेविगेशन, पृथ्वी अवलोकन तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए अनेक उपग्रह विकसित किए हैं। इन उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करने के लिए भारत ने अपने प्रक्षेपण यान (Launch Vehicles) भी विकसित किए हैं। SSC, UPSC, Railway,…

भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने संचार, मौसम, नेविगेशन, पृथ्वी अवलोकन तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए अनेक उपग्रह विकसित किए हैं। इन उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करने के लिए भारत ने अपने प्रक्षेपण यान (Launch Vehicles) भी विकसित किए हैं।

SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, Defence तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत के उपग्रह एवं प्रक्षेपण यानों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

उपग्रहप्रक्षेपण वर्षउद्देश्य
आर्यभट्ट1975भारत का पहला उपग्रह
भास्कर-I1979पृथ्वी अवलोकन
रोहिणी1980भारत का पहला स्वदेशी प्रक्षेपित उपग्रह
INSAT श्रृंखला1983 सेसंचार एवं मौसम
IRS श्रृंखला1988 सेरिमोट सेंसिंग
GSAT श्रृंखला2001 सेसंचार सेवाएँ
NAVIC2013–2018भारतीय नेविगेशन प्रणाली
Cartosat श्रृंखला2005 सेमानचित्रण एवं निगरानी
Chandrayaan-12008चंद्रमा मिशन
Chandrayaan-22019चंद्र अन्वेषण
Chandrayaan-32023चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग
Aditya-L12023सूर्य अध्ययन मिशन
प्रक्षेपण यानपूरा नामविशेषता
SLV-3Satellite Launch Vehicleभारत का पहला प्रायोगिक प्रक्षेपण यान
ASLVAugmented Satellite Launch VehicleSLV का उन्नत संस्करण
PSLVPolar Satellite Launch VehicleISRO का सबसे सफल प्रक्षेपण यान
GSLVGeosynchronous Satellite Launch Vehicleभारी उपग्रहों के लिए
GSLV Mk III / LVM3Launch Vehicle Mark-3गगनयान एवं भारी मिशनों के लिए
SSLVSmall Satellite Launch Vehicleछोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण हेतु
  • भारत का पहला उपग्रह आर्यभट्ट था, जिसे 19 अप्रैल 1975 को प्रक्षेपित किया गया।
  • भारत का पहला स्वदेशी प्रक्षेपित उपग्रह रोहिणी था।
  • PSLV को ISRO का “वर्कहॉर्स” कहा जाता है।
  • Chandrayaan-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफल लैंडिंग की।
  • Aditya-L1 भारत का पहला सौर मिशन है।
  • NAVIC भारत की स्वदेशी क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली है।
  • LVM3 (पूर्व नाम GSLV Mk III) भारत का सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान है।

A. रोहिणी
B. भास्कर
C. आर्यभट्ट
D. INSAT

उत्तर: C. आर्यभट्ट

A. INSAT
B. रोहिणी
C. आर्यभट्ट
D. GSAT

उत्तर: B. रोहिणी

A. GSLV
B. SSLV
C. PSLV
D. ASLV

उत्तर: C. PSLV

A. 14 जुलाई 2023
B. 15 अगस्त 2023
C. 23 अगस्त 2023
D. 30 अगस्त 2023

उत्तर: C. 23 अगस्त 2023

A. Astrosat
B. Chandrayaan-3
C. Mangalyaan
D. Aditya-L1

उत्तर: D. Aditya-L1

आर्यभट्ट, जिसे 1975 में प्रक्षेपित किया गया था।

रोहिणी।

Polar Satellite Launch Vehicle।

Aditya-L1।

भारत की स्वदेशी क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली।

भारत के उपग्रह एवं प्रक्षेपण यान देश की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की सफलता का प्रतीक हैं। आर्यभट्ट से लेकर Chandrayaan-3 और Aditya-L1 तक भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में उपग्रहों, मिशनों तथा प्रक्षेपण यानों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए यह विषय परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।