केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (Keoladeo National Park), जिसे पहले भरतपुर पक्षी विहार (Bharatpur Bird Sanctuary) के नाम से जाना जाता था, राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित भारत का विश्व प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य है। यह प्रवासी पक्षियों (Migratory Birds) के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल है और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, Defence तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
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Keoladeo National Park – Introduction
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान |
| स्थान | भरतपुर, राजस्थान |
| स्थापना | 1981 |
| राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा | 1982 |
| यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल | 1985 |
| प्रसिद्धि | प्रवासी पक्षी एवं पक्षी अभयारण्य |
| क्षेत्रफल | लगभग 29 वर्ग किमी |
| अन्य नाम | भरतपुर पक्षी विहार |
History of Keoladeo National Park
- पहले यह भरतपुर के महाराजाओं का शिकार क्षेत्र था।
- 1981 में इसे संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया।
- 1982 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला।
- 1985 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
भौगोलिक स्थिति
- राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित है।
- यह मानव निर्मित आर्द्रभूमि (Wetland Ecosystem) है।
- यहाँ झीलें, दलदली क्षेत्र और घासभूमियाँ पाई जाती हैं।
- पक्षियों के लिए आदर्श आवास उपलब्ध कराती है।
प्रमुख पक्षी प्रजातियाँ
प्रवासी पक्षी
- साइबेरियन क्रेन (ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध)
- बार-हेडेड गूज
- नॉर्दर्न पिंटेल
- कॉमन टील
स्थानीय पक्षी
- सारस क्रेन
- पेंटेड स्टॉर्क
- ओपनबिल स्टॉर्क
- किंगफिशर
- पेलिकन
- कॉर्मोरेंट
Importance of Keoladeo National Park
महत्वपूर्ण तथ्य
- भारत का सबसे प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य।
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल।
- रामसर आर्द्रभूमि स्थल (Ramsar Site)।
- सैकड़ों पक्षी प्रजातियों का आवास।
- प्रवासी पक्षियों के लिए प्रमुख शीतकालीन गंतव्य।
विशेषताएँ
- पक्षी प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए स्वर्ग।
- विश्वभर से प्रवासी पक्षी आते हैं।
- जैव विविधता से भरपूर आर्द्रभूमि।
- पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण।
- राजस्थान का महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल।
महत्वपूर्ण तथ्य
- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान में स्थित है।
- भरतपुर पक्षी विहार के नाम से भी जाना जाता है।
- 1985 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बना।
- यह एक प्रमुख रामसर स्थल है।
- प्रवासी पक्षियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
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महत्वपूर्ण MCQs
प्रश्न 1: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में स्थित है?
A. गुजरात
B. राजस्थान
C. मध्य प्रदेश
D. हरियाणा
उत्तर: B. राजस्थान
प्रश्न 2: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का पुराना नाम क्या था?
A. सरिस्का अभयारण्य
B. रणथंभौर पार्क
C. भरतपुर पक्षी विहार
D. घना वन अभयारण्य
उत्तर: C. भरतपुर पक्षी विहार
प्रश्न 3: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा कब मिला?
A. 1982
B. 1984
C. 1985
D. 1987
उत्तर: C. 1985
प्रश्न 4: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान किसके लिए प्रसिद्ध है?
A. बाघ
B. एशियाई शेर
C. एक सींग वाला गैंडा
D. प्रवासी पक्षी
उत्तर: D. प्रवासी पक्षी
प्रश्न 5: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान किस जिले में स्थित है?
A. जयपुर
B. कोटा
C. भरतपुर
D. अजमेर
उत्तर: C. भरतपुर
FAQs
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान कहाँ स्थित है?
राजस्थान के भरतपुर जिले में।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान किसके लिए प्रसिद्ध है?
प्रवासी पक्षियों और आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का पुराना नाम क्या है?
भरतपुर पक्षी विहार।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा कब मिला?
1985 में।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान किस प्रकार का संरक्षित क्षेत्र है?
यह एक प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान है।
निष्कर्ष
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भारत के सबसे महत्वपूर्ण पक्षी अभयारण्यों में से एक है। प्रवासी पक्षियों, आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र, रामसर स्थल और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में इसका विशेष महत्व है। प्रतियोगी परीक्षाओं में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर पक्षी विहार, रामसर स्थल और राजस्थान से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
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