कृष्णा नदी (Krishna River): उद्गम, प्रवाह, सहायक नदियाँ, बांध एवं महत्वपूर्ण तथ्य

कृष्णा नदी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है और दक्षिण भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी मानी जाती है। यह नदी महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट से निकलकर कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से बहते हुए बंगाल की खाड़ी में मिलती है। कृषि, सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और पेयजल आपूर्ति में कृष्णा नदी की महत्वपूर्ण…

कृष्णा नदी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है और दक्षिण भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी मानी जाती है। यह नदी महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट से निकलकर कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से बहते हुए बंगाल की खाड़ी में मिलती है। कृषि, सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और पेयजल आपूर्ति में कृष्णा नदी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

UPSC, SSC, Railway, Banking, State PCS, NDA, CDS एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कृष्णा नदी से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए इसका विस्तृत अध्ययन परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कृष्णा नदी का मानचित्र, उद्गम स्थल, सहायक नदियाँ और प्रमुख बांध
कृष्णा नदी: उद्गम से डेल्टा तक का संपूर्ण परिचय एवं महत्वपूर्ण तथ्य

कृष्णा नदी का परिचय

कृष्णा नदी दक्षिण भारत की प्रमुख पूर्ववाहिनी नदी है। यह गोदावरी नदी के बाद प्रायद्वीपीय भारत की दूसरी सबसे बड़ी नदी प्रणाली मानी जाती है।

प्रमुख तथ्य

विवरणजानकारी
नदी का नामकृष्णा नदी
उद्गम स्थलमहाबलेश्वर, महाराष्ट्र
लंबाईलगभग 1400 किमी
अपवाह क्षेत्रलगभग 2.59 लाख वर्ग किमी
मुहानाबंगाल की खाड़ी
प्रवाह दिशापश्चिम से पूर्व

कृष्णा नदी का उद्गम

कृष्णा नदी का उद्गम महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित महाबलेश्वर के निकट पश्चिमी घाट से होता है।

महाबलेश्वर महाराष्ट्र का प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल है और कई महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम स्थल भी है।

परीक्षा तथ्य

  • उद्गम: महाबलेश्वर
  • जिला: सतारा
  • राज्य: महाराष्ट्र
  • पर्वतमाला: पश्चिमी घाट

कृष्णा नदी का प्रवाह मार्ग

उद्गम के बाद कृष्णा नदी पूर्व दिशा में बहती हुई कई राज्यों से गुजरती है।

महाराष्ट्र

कृष्णा नदी का प्रारंभिक प्रवाह महाराष्ट्र में होता है।

कर्नाटक

कर्नाटक में नदी का महत्वपूर्ण जलग्रहण क्षेत्र है।

तेलंगाना

कृष्णा नदी कुछ भागों में तेलंगाना राज्य से होकर बहती है।

आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश में नदी विशाल डेल्टा का निर्माण करते हुए बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।

कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ

कृष्णा नदी की अनेक सहायक नदियाँ हैं जो इसे जल प्रदान करती हैं।

बाईं ओर की सहायक नदियाँ

1. भीमा नदी

कृष्णा की सबसे महत्वपूर्ण सहायक नदी।

2. मुसी नदी

हैदराबाद शहर इसी नदी के किनारे स्थित है।

3. डिंडी नदी

तेलंगाना की महत्वपूर्ण सहायक नदी।

दाईं ओर की सहायक नदियाँ

1. तुंगभद्रा नदी

कृष्णा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी।

तुंगभद्रा स्वयं दो नदियों से मिलकर बनती है:

  • तुंगा
  • भद्रा

2. घटप्रभा नदी

कर्नाटक की प्रमुख नदी।

3. मालप्रभा नदी

कृषि सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण।

4. कोयना नदी

कोयना बांध इसी नदी पर स्थित है।

कृष्णा नदी बेसिन

कृष्णा नदी बेसिन भारत के प्रमुख नदी बेसिनों में से एक है।

बेसिन वाले राज्य

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक
  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश

कुल क्षेत्रफल

लगभग 2.59 लाख वर्ग किमी

कृष्णा नदी डेल्टा

आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी विशाल डेल्टा का निर्माण करती है।

विशेषताएँ

  • अत्यंत उपजाऊ मिट्टी
  • धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध
  • मत्स्य पालन का प्रमुख केंद्र
  • कृषि विकास का आधार

कृष्णा नदी पर प्रमुख बांध एवं परियोजनाएँ

1. नागार्जुन सागर बांध

स्थान: तेलंगाना-आंध्र प्रदेश सीमा

विशेषता:

  • भारत के सबसे बड़े चिनाई बांधों में से एक

2. श्रीशैलम बांध

स्थान: आंध्र प्रदेश

उद्देश्य:

  • जलविद्युत
  • सिंचाई

3. अलमट्टी बांध

स्थान: कर्नाटक

विशेषता:

  • कृष्णा नदी की प्रमुख परियोजना

4. कोयना बांध

स्थान: महाराष्ट्र

विशेषता:

  • जलविद्युत उत्पादन

5. तुंगभद्रा बांध

स्थान: कर्नाटक

कृष्णा नदी जल विवाद

कृष्णा नदी जल विवाद दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय जल विवादों में से एक है।

संबंधित राज्य

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक
  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश

समाधान हेतु

कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण (Krishna Water Disputes Tribunal) का गठन किया गया।

कृष्णा नदी का आर्थिक महत्व

कृषि

कृष्णा नदी के जल से निम्न फसलें उगाई जाती हैं:

  • धान
  • गन्ना
  • कपास
  • मक्का

सिंचाई

लाखों हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है।

जलविद्युत

कई बांध बिजली उत्पादन करते हैं।

पेयजल

दक्षिण भारत के अनेक शहरों को जल आपूर्ति होती है।

कृष्णा नदी का धार्मिक महत्व

कृष्णा नदी हिंदू धर्म में पवित्र मानी जाती है।

प्रमुख तीर्थ स्थल

  • महाबलेश्वर
  • विजयवाड़ा
  • श्रीशैलम

कृष्णा पुष्करम

कृष्णा नदी पर प्रत्येक 12 वर्ष में कृष्णा पुष्करम का आयोजन होता है।

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परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • कृष्णा नदी का उद्गम महाबलेश्वर से होता है।
  • यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • तुंगभद्रा इसकी सबसे बड़ी सहायक नदी है।
  • नागार्जुन सागर बांध कृष्णा नदी पर स्थित है।
  • कृष्णा नदी लगभग 1400 किमी लंबी है।
  • इसका बेसिन क्षेत्र लगभग 2.59 लाख वर्ग किमी है।
  • कृष्णा नदी जल विवाद कई राज्यों के बीच है।

FAQs

Q1. कृष्णा नदी भारत की कौन-सी सबसे लंबी नदी है?

कृष्णा भारत की प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियों में से एक है और दक्षिण भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी मानी जाती है।

Q2. कृष्णा नदी किन राज्यों में बहती है?

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश।

Q3. कृष्णा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी कौन-सी है?

तुंगभद्रा नदी।

Q4. कृष्णा नदी पर सबसे प्रसिद्ध बांध कौन-सा है?

नागार्जुन सागर बांध।

Q5. कृष्णा पुष्करम कितने वर्ष में आयोजित होता है?

प्रत्येक 12 वर्ष में।

निष्कर्ष

कृष्णा नदी दक्षिण भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है। यह कृषि, सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। महाबलेश्वर से निकलकर बंगाल की खाड़ी तक की इसकी यात्रा अनेक राज्यों की अर्थव्यवस्था और संस्कृति को प्रभावित करती है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कृष्णा नदी से जुड़े तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।