हीराकुंड बांध भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है। यह महानदी पर ओडिशा राज्य में स्थित है और बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन तथा जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हीराकुंड बांध को विश्व के सबसे लंबे बांधों में से एक माना जाता है।
SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA, CDS एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हीराकुंड बांध से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए भारत के प्रमुख बांधों का अध्ययन करते समय इस परियोजना का विशेष महत्व है।
हीराकुंड बांध का परिचय
हीराकुंड बांध ओडिशा के संबलपुर जिले में महानदी पर निर्मित है। यह स्वतंत्र भारत की प्रारंभिक बड़ी नदी घाटी परियोजनाओं में शामिल है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | हीराकुंड बांध |
| नदी | महानदी |
| राज्य | ओडिशा |
| जिला | संबलपुर |
| प्रकार | Earthen Composite Dam |
| प्रमुख उद्देश्य | बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, बिजली |
हीराकुंड बांध कहाँ स्थित है?
हीराकुंड बांध ओडिशा के संबलपुर शहर के निकट महानदी नदी पर स्थित है।
परीक्षा तथ्य
- राज्य – ओडिशा
- जिला – संबलपुर
- नदी – महानदी
हीराकुंड बांध का इतिहास
महानदी में बार-बार आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए हीराकुंड परियोजना की योजना बनाई गई थी।
महत्वपूर्ण वर्ष
- 1948 – निर्माण कार्य प्रारंभ
- 1957 – उद्घाटन
- उद्घाटन – पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा
यह स्वतंत्र भारत की सबसे महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में से एक मानी जाती है।
हीराकुंड बांध की लंबाई
हीराकुंड बांध अपनी विशाल लंबाई के लिए प्रसिद्ध है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| मुख्य बांध लंबाई | लगभग 4.8 किमी |
| कुल लंबाई (डाइक सहित) | लगभग 25.8 किमी |
| प्रकार | Earthen Composite Dam |
परीक्षा तथ्य
हीराकुंड बांध विश्व के सबसे लंबे बांधों में से एक है।
हीराकुंड जलाशय
हीराकुंड बांध द्वारा निर्मित जलाशय एशिया के सबसे बड़े कृत्रिम जलाशयों में से एक माना जाता है।
प्रमुख विशेषताएँ
- विशाल जल भंडारण क्षमता
- मत्स्य पालन का प्रमुख केंद्र
- पर्यटन के लिए आकर्षण
हीराकुंड बांध के उद्देश्य
1. बाढ़ नियंत्रण
महानदी घाटी में बाढ़ नियंत्रण इसका प्रमुख उद्देश्य था।
2. सिंचाई
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्रों को सिंचाई सुविधा प्रदान करता है।
3. जलविद्युत उत्पादन
स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
4. जल संरक्षण
सूखे की स्थिति में जल उपलब्ध कराने में सहायता करता है।
हीराकुंड बांध की जलविद्युत परियोजना
हीराकुंड परियोजना ओडिशा के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
लाभ
- उद्योगों को बिजली
- ग्रामीण विद्युतीकरण
- ऊर्जा सुरक्षा
हीराकुंड बांध से लाभान्वित राज्य
इस परियोजना से मुख्य रूप से लाभान्वित राज्य:
- ओडिशा
- छत्तीसगढ़ (आंशिक)
हीराकुंड बांध का आर्थिक महत्व
कृषि विकास
सिंचाई सुविधा से कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई।
औद्योगिक विकास
ऊर्जा उपलब्धता से उद्योगों का विकास हुआ।
मत्स्य पालन
जलाशय क्षेत्र में मत्स्य उद्योग को बढ़ावा मिला।
पर्यटन
हीराकुंड जलाशय और बांध पर्यटन का प्रमुख केंद्र हैं।
हीराकुंड बांध से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल
गांधी मीनार
बांध का विहंगम दृश्य देखने के लिए प्रसिद्ध।
नेहरू मीनार
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र।
हीराकुंड बांध से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- महानदी पर निर्मित।
- ओडिशा के संबलपुर जिले में स्थित।
- विश्व के सबसे लंबे बांधों में शामिल।
- बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रसिद्ध।
- 1957 में राष्ट्र को समर्पित।
यह भी पढ़ें
परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
- बांध – हीराकुंड बांध
- नदी – महानदी
- राज्य – ओडिशा
- जिला – संबलपुर
- उद्घाटन – 1957
- विशेषता – विश्व के सबसे लंबे बांधों में से एक
FAQs
हीराकुंड बांध किसलिए प्रसिद्ध है?
यह विश्व के सबसे लंबे बांधों में से एक होने और बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रसिद्ध है।
हीराकुंड बांध किस नदी पर बना है?
महानदी नदी पर।
हीराकुंड जलाशय का महत्व क्या है?
यह जल भंडारण, सिंचाई, मत्स्य पालन और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है।
हीराकुंड बांध का उद्घाटन किसने किया था?
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने।
हीराकुंड बांध किस राज्य में स्थित है?
ओडिशा में।
निष्कर्ष
हीराकुंड बांध महानदी पर स्थित भारत की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक है। यह बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से हीराकुंड बांध, महानदी, संबलपुर और इसके जलाशय से जुड़े तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Leave a Reply