गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में चंबल नदी पर निर्मित एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजना है। यह चंबल घाटी परियोजना (Chambal Valley Project) का पहला और सबसे ऊपरी बांध है। सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और जल संरक्षण के क्षेत्र में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA, CDS एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गांधी सागर बांध और चंबल घाटी परियोजना से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
गांधी सागर बांध का परिचय
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) |
| नदी | चंबल नदी |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
| जिला | मंदसौर |
| परियोजना | चंबल घाटी परियोजना |
| प्रकार | Masonry Gravity Dam |
| प्रमुख उद्देश्य | सिंचाई एवं जलविद्युत उत्पादन |
गांधी सागर बांध कहाँ स्थित है?
गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में राजस्थान सीमा के निकट चंबल नदी पर स्थित है।
परीक्षा तथ्य
- राज्य – मध्य प्रदेश
- जिला – मंदसौर
- नदी – चंबल
- नदी तंत्र – यमुना बेसिन
गांधी सागर बांध का इतिहास
चंबल घाटी परियोजना भारत की प्रमुख अंतर्राज्यीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है।
महत्वपूर्ण वर्ष
- 1954 – निर्माण कार्य प्रारंभ
- 1960 – परियोजना पूर्ण
- राजस्थान और मध्य प्रदेश का संयुक्त उपक्रम
गांधी सागर बांध की ऊंचाई और लंबाई
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| ऊंचाई | लगभग 64 मीटर |
| लंबाई | लगभग 514 मीटर |
| प्रकार | Masonry Gravity Dam |
| नदी | चंबल |
परीक्षा तथ्य
गांधी सागर बांध चंबल घाटी परियोजना का सबसे ऊपरी बांध है।
गांधी सागर जलाशय
गांधी सागर बांध द्वारा निर्मित जलाशय मध्य भारत के बड़े जलाशयों में से एक है।
प्रमुख विशेषताएँ
- विशाल जल भंडारण क्षमता
- सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण
- मत्स्य पालन का प्रमुख केंद्र
- पर्यटन एवं वन्यजीव संरक्षण में सहायक
चंबल घाटी परियोजना (Chambal Valley Project)
गांधी सागर बांध चंबल घाटी परियोजना का हिस्सा है।
इस परियोजना के प्रमुख बांध
- गांधी सागर बांध
- राणा प्रताप सागर बांध
- जवाहर सागर बांध
परीक्षा तथ्य
चंबल घाटी परियोजना मध्य प्रदेश और राजस्थान की संयुक्त परियोजना है।
गांधी सागर बांध की विद्युत उत्पादन क्षमता
गांधी सागर जलविद्युत स्टेशन से बिजली उत्पादन किया जाता है।
प्रमुख तथ्य
- स्थापित क्षमता – लगभग 115 MW
- मध्य प्रदेश एवं राजस्थान को बिजली आपूर्ति
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य
गांधी सागर जलाशय के आसपास स्थित गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।
प्रमुख जीव
- तेंदुआ
- चिंकारा
- नीलगाय
- विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ
गांधी सागर बांध का आर्थिक महत्व
सिंचाई
कृषि क्षेत्र को जल उपलब्ध कराता है।
ऊर्जा उत्पादन
बिजली उत्पादन से औद्योगिक विकास को बढ़ावा।
मत्स्य पालन
स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का स्रोत।
पर्यटन
जलाशय और अभयारण्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
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गांधी सागर बांध से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- चंबल नदी पर स्थित है।
- चंबल घाटी परियोजना का पहला बांध।
- मध्य प्रदेश और राजस्थान की संयुक्त परियोजना।
- लगभग 115 MW बिजली उत्पादन क्षमता।
- गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध।
परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
- बांध – गांधी सागर बांध
- नदी – चंबल
- राज्य – मध्य प्रदेश
- जिला – मंदसौर
- परियोजना – चंबल घाटी परियोजना
- क्षमता – लगभग 115 MW
FAQs
गांधी सागर बांध किस नदी पर बना है?
चंबल नदी पर।
गांधी सागर बांध किस राज्य में स्थित है?
मध्य प्रदेश में।
गांधी सागर बांध किस परियोजना का हिस्सा है?
चंबल घाटी परियोजना का।
चंबल घाटी परियोजना किन राज्यों की संयुक्त परियोजना है?
मध्य प्रदेश और राजस्थान।
गांधी सागर बांध की विद्युत क्षमता कितनी है?
लगभग 115 मेगावाट।
निष्कर्ष
गांधी सागर बांध चंबल नदी पर स्थित चंबल घाटी परियोजना का पहला और महत्वपूर्ण बांध है। यह सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन, मत्स्य पालन और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से गांधी सागर बांध, चंबल नदी और चंबल घाटी परियोजना से जुड़े तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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