रिहंद बांध (Rihand Dam): स्थान, नदी, सागर, झील, जलविद्युत एवं महत्वपूर्ण तथ्य

रिहंद बांध (Rihand Dam) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में रिहंद नदी पर निर्मित एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजना है। यह बांध गोविंद बल्लभ पंत सागर नामक विशाल जलाशय का निर्माण करता है, जिसे भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में गिना जाता है। SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में रिहंद…

रिहंद बांध (Rihand Dam) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में रिहंद नदी पर निर्मित एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजना है। यह बांध गोविंद बल्लभ पंत सागर नामक विशाल जलाशय का निर्माण करता है, जिसे भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में गिना जाता है।

SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में रिहंद बांध से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

रिहंद बांध, गोविंद बल्लभ पंत सागर जलाशय और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का शैक्षिक इन्फोग्राफिक
रिहंद बांध: रिहंद नदी पर स्थित उत्तर प्रदेश की प्रमुख जलविद्युत एवं सिंचाई परियोजना

रिहंद बांध का परिचय

विवरणजानकारी
नामरिहंद बांध
नदीरिहंद नदी
राज्यउत्तर प्रदेश
जिलासोनभद्र
जलाशयगोविंद बल्लभ पंत सागर
प्रकारConcrete Gravity Dam
प्रमुख उद्देश्यसिंचाई एवं जलविद्युत उत्पादन

रिहंद बांध कहाँ स्थित है?

रिहंद बांध उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पिपरी (Pipri) के निकट स्थित है। यह रिहंद नदी पर बनाया गया है, जो सोन नदी की प्रमुख सहायक नदी है।

परीक्षा तथ्य

  • राज्य – उत्तर प्रदेश
  • जिला – सोनभद्र
  • नदी – रिहंद नदी
  • सहायक नदी – सोन नदी की

रिहंद बांध का इतिहास

रिहंद परियोजना स्वतंत्र भारत की महत्वपूर्ण नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है।

महत्वपूर्ण वर्ष

  • 1953–54 : निर्माण कार्य प्रारंभ
  • 1962 : परियोजना पूर्ण हुई
  • पंडित जवाहरलाल नेहरू के विकास दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा

रिहंद बांध की ऊंचाई और लंबाई

विशेषताविवरण
ऊंचाईलगभग 91.46 मीटर
लंबाईलगभग 934 मीटर
प्रकारConcrete Gravity Dam
विद्युत क्षमता300 मेगावाट

गोविंद बल्लभ पंत सागर जलाशय

रिहंद बांध द्वारा निर्मित जलाशय गोविंद बल्लभ पंत सागर कहलाता है।

प्रमुख विशेषताएँ

  • भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में से एक
  • विशाल जल भंडारण क्षमता
  • सिंचाई एवं बिजली उत्पादन का प्रमुख स्रोत
  • उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ क्षेत्र को लाभ

रिहंद बांध के उद्देश्य

1. सिंचाई

कृषि क्षेत्रों को पूरे वर्ष जल उपलब्ध कराना।

2. जलविद्युत उत्पादन

रिहंद जलविद्युत स्टेशन की स्थापित क्षमता लगभग 300 मेगावाट है।

3. जल संरक्षण

वर्षा जल का बड़े पैमाने पर संग्रहण।

4. औद्योगिक विकास

सिंगरौली और आसपास के ऊर्जा क्षेत्रों के विकास में योगदान।

रिहंद बांध का आर्थिक महत्व

कृषि विकास

सिंचाई सुविधाओं से कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई।

ऊर्जा उत्पादन

जलविद्युत उत्पादन और क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति में योगदान।

औद्योगिक विकास

सोनभद्र एवं सिंगरौली क्षेत्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका।

रोजगार

परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़े।

रिहंद बांध से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • रिहंद नदी पर स्थित है।
  • उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में निर्मित।
  • गोविंद बल्लभ पंत सागर जलाशय बनाता है।
  • लगभग 300 MW जलविद्युत उत्पादन क्षमता।
  • भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाओं में शामिल।

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • बांध – रिहंद बांध
  • नदी – रिहंद नदी
  • राज्य – उत्तर प्रदेश
  • जिला – सोनभद्र
  • जलाशय – गोविंद बल्लभ पंत सागर
  • क्षमता – 300 MW

FAQs

रिहंद बांध किस नदी पर बना है?

रिहंद नदी पर।

रिहंद बांध किस राज्य में स्थित है?

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में।

गोविंद बल्लभ पंत सागर क्या है?

रिहंद बांध द्वारा निर्मित विशाल जलाशय।

रिहंद बांध की विद्युत उत्पादन क्षमता कितनी है?

लगभग 300 मेगावाट।

रिहंद नदी किसकी सहायक नदी है?

सोन नदी की।

निष्कर्ष

रिहंद बांध उत्तर प्रदेश की प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक है। यह सिंचाई, जल संरक्षण, ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से रिहंद बांध, रिहंद नदी, सोन नदी और गोविंद बल्लभ पंत सागर से जुड़े तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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