रोहतांग दर्रा (Rohtang Pass): स्थान, ऊँचाई, इतिहास, अटल सुरंग एवं महत्वपूर्ण तथ्य

रोहतांग दर्रा (Rohtang Pass) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिमालयी दर्रा है। यह दर्रा कुल्लू घाटी को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ता है। समुद्र तल से लगभग 3,978 मीटर (13,051 फीट) की ऊँचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा हिमाचल प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन एवं सामरिक मार्गों में से एक माना जाता है।…

रोहतांग दर्रा (Rohtang Pass) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिमालयी दर्रा है। यह दर्रा कुल्लू घाटी को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ता है। समुद्र तल से लगभग 3,978 मीटर (13,051 फीट) की ऊँचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा हिमाचल प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन एवं सामरिक मार्गों में से एक माना जाता है।

रोहतांग दर्रे के निकट स्थित ब्यास कुंड (Beas Kund) से ब्यास नदी का उद्गम होता है, इसलिए यह दर्रा भारतीय भूगोल में विशेष महत्व रखता है।

UPSC, SSC, Railway, Banking, NDA, CDS, State PCS तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में रोहतांग दर्रा से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

रोहतांग दर्रा का परिचय

विवरणजानकारी
नामरोहतांग दर्रा
अंग्रेजी नामRohtang Pass
राज्यहिमाचल प्रदेश
ऊँचाईलगभग 3,978 मीटर
पर्वतमालाहिमालय
जोड़ता हैकुल्लू घाटी एवं लाहौल-स्पीति
जिलाकुल्लू

रोहतांग दर्रा कहाँ स्थित है?

रोहतांग दर्रा हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। यह मनाली से लगभग 51 किलोमीटर उत्तर में स्थित है और लेह-मनाली राजमार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

परीक्षा तथ्य

  • राज्य – हिमाचल प्रदेश
  • जिला – कुल्लू
  • निकटतम प्रमुख शहर – मनाली
  • पर्वतमाला – हिमालय

रोहतांग नाम का अर्थ

“रोहतांग” शब्द का अर्थ है “लाशों का ढेर” (Pile of Corpses)

यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि पुराने समय में कठिन मौसम, भारी हिमपात और प्राकृतिक आपदाओं के कारण इस मार्ग पर यात्रा करना अत्यंत जोखिमपूर्ण था।

परीक्षा तथ्य

रोहतांग का अर्थ “लाशों का ढेर” होता है।

रोहतांग दर्रे का इतिहास

रोहतांग दर्रा प्राचीन काल से ही कुल्लू और लाहौल-स्पीति क्षेत्रों के बीच संपर्क का प्रमुख मार्ग रहा है।

ऐतिहासिक महत्व

  • हिमालयी व्यापार मार्ग
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम
  • लद्दाख एवं मध्य एशिया तक पहुंच का मार्ग

रोहतांग दर्रे का सामरिक महत्व

रोहतांग दर्रा भारतीय सेना और सीमा क्षेत्रों तक पहुंच के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रमुख कारण

  • लद्दाख क्षेत्र तक संपर्क
  • सैन्य आपूर्ति मार्ग
  • सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में योगदान

हालांकि वर्तमान में अटल सुरंग के निर्माण के बाद इसकी सामरिक उपयोगिता और बढ़ गई है।

अटल सुरंग (Atal Tunnel)

रोहतांग दर्रे से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण परियोजना अटल सुरंग है।

अटल सुरंग का उद्घाटन 3 अक्टूबर 2020 को किया गया था। यह दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंगों में से एक है जो 3,000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर स्थित है।

अटल सुरंग की प्रमुख विशेषताएँ

  • लंबाई – 9.02 किलोमीटर
  • स्थान – रोहतांग दर्रे के नीचे
  • उद्देश्य – वर्षभर संपर्क बनाए रखना

परीक्षा तथ्य

अटल सुरंग हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के नीचे निर्मित है।

रोहतांग दर्रा और पर्यटन

रोहतांग दर्रा हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।

प्रमुख आकर्षण

  • बर्फबारी
  • हिमालयी दृश्य
  • साहसिक खेल
  • मनाली पर्यटन

हर वर्ष लाखों पर्यटक रोहतांग दर्रे का भ्रमण करते हैं।

रोहतांग दर्रे से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है।
  • मनाली के निकट स्थित प्रसिद्ध हिमालयी दर्रा है।
  • कुल्लू घाटी को लाहौल-स्पीति से जोड़ता है।
  • ऊँचाई लगभग 3,978 मीटर है।
  • अटल सुरंग इसी दर्रे के नीचे स्थित है।
  • पर्यटन और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

यह भी पढ़ें

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

UPSC/SSC Quick Facts

विषयजानकारी
दर्रारोहतांग दर्रा
राज्यहिमाचल प्रदेश
ऊँचाई3,978 मीटर
जोड़ता हैकुल्लू – लाहौल-स्पीति
निकटतम शहरमनाली
प्रमुख परियोजनाअटल सुरंग

FAQs

रोहतांग दर्रा कहाँ स्थित है?

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में, मनाली के निकट स्थित है।

रोहतांग दर्रा किन क्षेत्रों को जोड़ता है?

कुल्लू घाटी और लाहौल-स्पीति घाटी को जोड़ता है।

रोहतांग दर्रे की ऊँचाई कितनी है?

लगभग 3,978 मीटर।

अटल सुरंग कहाँ स्थित है?

अटल सुरंग रोहतांग दर्रे के नीचे स्थित है।

रोहतांग दर्रा क्यों प्रसिद्ध है?

यह पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।

निष्कर्ष

रोहतांग दर्रा हिमाचल प्रदेश का एक महत्वपूर्ण हिमालयी दर्रा है, जो कुल्लू घाटी को लाहौल-स्पीति क्षेत्र से जोड़ता है। अपनी ऊँचाई, प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन आकर्षण और अटल सुरंग जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के कारण इसका विशेष महत्व है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से रोहतांग दर्रा, इसकी स्थिति, ऊँचाई, अटल सुरंग और भौगोलिक महत्व से जुड़े तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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