Himalaya (हिमालय): स्थिति, विस्तार, प्रमुख पर्वत, नदियाँ, वन्यजीव एवं महत्वपूर्ण तथ्य

हिमालय विश्व की सबसे युवा एवं सबसे ऊँची वलित पर्वत श्रृंखला (Fold Mountain) है। यह भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर में लगभग 2,400 किलोमीटर तक फैली हुई है तथा भारत को मध्य एशिया से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती है। हिमालय का निर्माण लगभग 5 करोड़ वर्ष पूर्व भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टक्कर के परिणामस्वरूप…

हिमालय विश्व की सबसे युवा एवं सबसे ऊँची वलित पर्वत श्रृंखला (Fold Mountain) है। यह भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर में लगभग 2,400 किलोमीटर तक फैली हुई है तथा भारत को मध्य एशिया से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती है। हिमालय का निर्माण लगभग 5 करोड़ वर्ष पूर्व भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टक्कर के परिणामस्वरूप हुआ था।

भारतीय भूगोल में हिमालय का अत्यधिक महत्व है क्योंकि यह भारत की जलवायु, नदियों, कृषि, जैव विविधता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हिमालय से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

हिमालय का विस्तार

  • कुल लंबाई – लगभग 2,400 किमी
  • चौड़ाई – 150 से 400 किमी
  • पश्चिम में – नंगा पर्वत (पाकिस्तान)
  • पूर्व में – नामचा बरवा (अरुणाचल प्रदेश के निकट, तिब्बत)

भारत में हिमालय निम्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरता है—

  • जम्मू-कश्मीर
  • लद्दाख
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • सिक्किम
  • पश्चिम बंगाल
  • अरुणाचल प्रदेश

हिमालय के निर्माण का सिद्धांत

हिमालय का निर्माण प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate Tectonic Theory) के अनुसार हुआ।

  • भारतीय प्लेट उत्तर दिशा की ओर बढ़ी।
  • इसका टकराव यूरेशियन प्लेट से हुआ।
  • टक्कर के कारण टेथिस सागर की तलछटी चट्टानें ऊपर उठीं।
  • इन्हीं से हिमालय पर्वत का निर्माण हुआ।

हिमालय की प्रमुख श्रेणियाँ

1. महान हिमालय (हिमाद्रि)

यह हिमालय की सबसे उत्तरी एवं सबसे ऊँची पर्वत श्रेणी है।

विशेषताएँ

  • औसत ऊँचाई – लगभग 6,000 मीटर
  • वर्षभर बर्फ से ढकी रहती है।
  • विश्व की अनेक ऊँची चोटियाँ इसी श्रेणी में स्थित हैं।
  • अधिकांश हिमनद (Glaciers) इसी भाग में पाए जाते हैं।

प्रमुख चोटियाँ

  • कंचनजंघा
  • नंदा देवी
  • कामेत
  • नमचा बरवा

2. लघु हिमालय (हिमाचल)

यह हिमाद्रि के दक्षिण में स्थित है।

विशेषताएँ

  • औसत ऊँचाई – 3,500 से 4,500 मीटर
  • अनेक प्रसिद्ध हिल स्टेशन इसी भाग में स्थित हैं।

प्रमुख हिल स्टेशन

  • शिमला
  • मसूरी
  • नैनीताल
  • दार्जिलिंग

3. शिवालिक

यह हिमालय की सबसे दक्षिणी एवं नवीनतम पर्वत श्रेणी है।

विशेषताएँ

  • औसत ऊँचाई – 900 से 1,200 मीटर
  • चौड़ाई – 10 से 50 किमी
  • ढीली एवं असंगठित चट्टानों से निर्मित।

हिमालय के क्षेत्रीय विभाजन

नदियों के आधार पर हिमालय को निम्न भागों में बाँटा जाता है—

पंजाब हिमालय

  • सिंधु एवं सतलुज नदी के बीच
  • जम्मू-कश्मीर एवं हिमाचल प्रदेश

कुमाऊँ हिमालय

  • सतलुज एवं काली नदी के बीच
  • उत्तराखंड

नेपाल हिमालय

  • काली एवं तीस्ता नदी के बीच

असम हिमालय

  • तीस्ता एवं दिहांग नदी के बीच

हिमालय की प्रमुख चोटियाँ

चोटीऊँचाईस्थान
कंचनजंघा8,586 मीटरभारत-नेपाल सीमा
नंदा देवी7,816 मीटरउत्तराखंड
कामेत7,756 मीटरउत्तराखंड
नमचा बरवा7,782 मीटरतिब्बत

नोट: भारत की सबसे ऊँची चोटी कंचनजंघा है।

हिमालय से निकलने वाली प्रमुख नदियाँ

  • गंगा
  • यमुना
  • सिंधु
  • ब्रह्मपुत्र
  • सतलुज
  • झेलम
  • चिनाब
  • रावी
  • ब्यास

हिमालय का महत्व

1. प्राकृतिक सुरक्षा

हिमालय भारत को उत्तर दिशा से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है।

2. मानसूनी वर्षा

हिमालय मानसूनी पवनों को रोककर भारत में वर्षा कराता है।

3. नदियों का उद्गम

भारत की अधिकांश बारहमासी नदियाँ हिमालय से निकलती हैं।

4. जल विद्युत

हिमालयी नदियों पर अनेक जलविद्युत परियोजनाएँ विकसित की गई हैं।

5. पर्यटन

हिमालय भारत का प्रमुख पर्यटन एवं साहसिक खेलों का केंद्र है।

6. जैव विविधता

हिमालय अनेक दुर्लभ वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं का निवास स्थान है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • विश्व की सबसे युवा वलित पर्वत श्रृंखला – हिमालय
  • निर्माण – भारतीय एवं यूरेशियन प्लेट की टक्कर
  • लंबाई – लगभग 2,400 किमी
  • भारत की सबसे ऊँची चोटी – कंचनजंघा
  • हिमालय की सबसे ऊँची श्रेणी – हिमाद्रि
  • सबसे दक्षिणी श्रेणी – शिवालिक
  • प्रसिद्ध हिमनद – गंगोत्री, यमुनोत्री, सियाचिन

One-Liner

  • विश्व की सबसे युवा वलित पर्वत श्रृंखला – हिमालय
  • लंबाई – लगभग 2,400 किमी
  • सबसे ऊँची श्रेणी – हिमाद्रि
  • सबसे दक्षिणी श्रेणी – शिवालिक
  • भारत की सबसे ऊँची चोटी – कंचनजंघा
  • निर्माण – भारतीय एवं यूरेशियन प्लेट की टक्कर
  • प्रमुख हिल स्टेशन – शिमला, मसूरी, नैनीताल, दार्जिलिंग
  • प्रमुख हिमालयी नदियाँ – गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सिंधु
  • प्रसिद्ध हिमनद – गंगोत्री, यमुनोत्री, सियाचिन

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FAQs

1. हिमालय को विश्व का सबसे युवा पर्वत क्यों कहा जाता है?

हिमालय का निर्माण लगभग 5 करोड़ वर्ष पहले भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टक्कर से हुआ था। भूवैज्ञानिक दृष्टि से यह अभी भी विकसित हो रहा है, इसलिए इसे विश्व का सबसे युवा वलित पर्वत (Young Fold Mountain) कहा जाता है।

2. हिमालय भारत की जलवायु को कैसे प्रभावित करता है?

हिमालय मध्य एशिया से आने वाली ठंडी हवाओं को भारत में प्रवेश करने से रोकता है तथा दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनों को अवरुद्ध करके देश के अधिकांश भागों में वर्षा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

3. हिमालय की तीन प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ कौन-सी हैं?

हिमालय को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया जाता है—

  • हिमाद्रि (Great Himalaya)
  • हिमाचल (Lesser Himalaya)
  • शिवालिक (Outer Himalaya)

4. प्रतियोगी परीक्षाओं में हिमालय से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

SSC, UPSC, Railway, Banking एवं State PCS परीक्षाओं में हिमालय की पर्वत श्रेणियाँ, प्रमुख चोटियाँ, दर्रे, हिमनद, नदियों के उद्गम स्थल, क्षेत्रीय विभाजन तथा हिमालय के निर्माण से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

5. भारत की सबसे ऊँची पर्वत चोटी कौन-सी है?

भारत की सबसे ऊँची पर्वत चोटी कंचनजंघा (8,586 मीटर) है, जो भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित है। यह विश्व की तीसरी सबसे ऊँची पर्वत चोटी भी है।

निष्कर्ष

हिमालय भारत की भौगोलिक, जलवायु, पर्यावरणीय एवं सामरिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला है। यह न केवल भारत की प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल है, बल्कि मानसूनी वर्षा, जैव विविधता, जल संसाधनों और राष्ट्रीय सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA, CDS एवं अन्य सरकारी परीक्षाओं में हिमालय से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए इसकी पर्वत श्रेणियाँ, प्रमुख चोटियाँ, हिमनद, दर्रे तथा क्षेत्रीय विभाजन का गहन अध्ययन प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए आवश्यक है।

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