Wildlife Sanctuaries of India | भारत के वन्यजीव अभयारण्य

भारत के वन्यजीव अभयारण्य भारत जैव विविधता (Biodiversity) की दृष्टि से विश्व के सबसे समृद्ध देशों में से एक है। यहाँ हिमालय से लेकर पश्चिमी घाट, थार मरुस्थल से लेकर सुंदरबन के मैंग्रोव वनों तक विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक तंत्र पाए जाते हैं। वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के लिए देशभर में अनेक…

भारत के वन्यजीव अभयारण्य

भारत जैव विविधता (Biodiversity) की दृष्टि से विश्व के सबसे समृद्ध देशों में से एक है। यहाँ हिमालय से लेकर पश्चिमी घाट, थार मरुस्थल से लेकर सुंदरबन के मैंग्रोव वनों तक विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक तंत्र पाए जाते हैं। वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के लिए देशभर में अनेक वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) स्थापित किए गए हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, State PCS, SSC, Railway, Banking, Forest Services एवं अन्य सरकारी परीक्षाओं में भारत के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इस लेख में वन्यजीव अभयारण्य की परिभाषा, कानूनी आधार, प्रमुख अभयारण्य, उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य तथा परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी जानकारी दी गई है।

वन्यजीव अभयारण्य क्या है?

वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) वह संरक्षित क्षेत्र है जहाँ जंगली पशु-पक्षियों तथा उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण किया जाता है। इन क्षेत्रों में शिकार, अवैध कटाई तथा अन्य ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण रहता है जो वन्यजीवों के लिए हानिकारक हों।

भारत में वन्यजीव अभयारण्यों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय एवं दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण, जैव विविधता को बनाए रखना तथा पर्यावरणीय संतुलन की रक्षा करना है।

वन्यजीव संरक्षण का कानूनी आधार

भारत में वन्यजीव संरक्षण का प्रमुख कानून वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) है। इसी अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न राज्यों में वन्यजीव अभयारण्यों एवं राष्ट्रीय उद्यानों की अधिसूचना जारी की जाती है।

प्रमुख उद्देश्य

  • वन्यजीवों का संरक्षण
  • प्राकृतिक आवास की सुरक्षा
  • जैव विविधता का संरक्षण
  • अवैध शिकार पर रोक
  • पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना

भारत के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य

1. गिर वन्यजीव अभयारण्य (गुजरात)

  • एशियाई शेर (Asiatic Lion) का एकमात्र प्राकृतिक आवास।
  • गुजरात के जूनागढ़, अमरेली और गिर-सोमनाथ जिलों में स्थित।
  • वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से विश्व प्रसिद्ध।

2. पेरियार वन्यजीव अभयारण्य (केरल)

  • हाथियों और बाघों के लिए प्रसिद्ध।
  • पेरियार झील इस अभयारण्य का प्रमुख आकर्षण है।
  • पश्चिमी घाट का महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र।

3. वेदांतंगल पक्षी अभयारण्य (तमिलनाडु)

  • भारत के सबसे पुराने पक्षी अभयारण्यों में से एक।
  • प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध।

4. रणथंभौर क्षेत्र (राजस्थान)

  • बाघ संरक्षण के लिए विश्व प्रसिद्ध।
  • ऐतिहासिक रणथंभौर दुर्ग के निकट स्थित वन क्षेत्र।

5. केवलादेव घना पक्षी अभयारण्य (राजस्थान)

  • भरतपुर में स्थित।
  • प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आवास।
  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध।

6. भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य (ओडिशा)

  • खारे पानी के मगरमच्छ (Saltwater Crocodile) के लिए प्रसिद्ध।
  • मैंग्रोव वनस्पति का महत्वपूर्ण क्षेत्र।

7. कच्छ मरुस्थलीय वन्यजीव अभयारण्य (गुजरात)

  • भारत का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य।
  • जंगली गधा तथा मरुस्थलीय जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध।

8. नलसरोवर पक्षी अभयारण्य (गुजरात)

  • हजारों प्रवासी पक्षियों का शीतकालीन आवास।
  • पक्षी प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण स्थल।

9. चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य (उत्तर प्रदेश)

  • उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य।
  • हिरण, तेंदुआ एवं विभिन्न पक्षी प्रजातियों के लिए जाना जाता है।

10. ईगलनेस्ट वन्यजीव अभयारण्य (अरुणाचल प्रदेश)

  • पक्षियों एवं तितलियों की दुर्लभ प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध।
  • पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध जैव विविधता का उत्कृष्ट उदाहरण।

राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य में अंतर

आधारवन्यजीव अभयारण्यराष्ट्रीय उद्यान
उद्देश्यवन्यजीव संरक्षणवन्यजीव एवं संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण
मानव गतिविधियाँसीमित रूप से अनुमतिअत्यंत सीमित
कानूनी संरक्षणउच्चअधिक कठोर
प्रबंधनराज्य सरकारराज्य सरकार/केंद्र के दिशा-निर्देश

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परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 में लागू हुआ।
  • एशियाई शेर केवल गिर क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं।
  • केवलादेव घना पक्षी विहार प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
  • भितरकनिका खारे पानी के मगरमच्छों के लिए जाना जाता है।
  • पश्चिमी घाट जैव विविधता का हॉटस्पॉट है।

निष्कर्ष

भारत के वन्यजीव अभयारण्य देश की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये केवल दुर्लभ वन्यजीवों के सुरक्षित आवास ही नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और ईको-टूरिज्म के विकास में भी योगदान देते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य, उनसे संबंधित राज्य तथा विशेष वन्यजीवों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए।

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