नागार्जुन सागर बांध (Nagarjuna Sagar Dam): स्थान, नदी, ऊंचाई, जलाशय एवं महत्वपूर्ण तथ्य

नागार्जुन सागर बांध भारत की सबसे प्रसिद्ध बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है। यह बांध कृष्णा नदी पर निर्मित है और तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जल संसाधन परियोजना है। इसे विश्व के सबसे बड़े चिनाई (Masonry) बांधों में गिना जाता है। SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS,…

नागार्जुन सागर बांध भारत की सबसे प्रसिद्ध बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है। यह बांध कृष्णा नदी पर निर्मित है और तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जल संसाधन परियोजना है। इसे विश्व के सबसे बड़े चिनाई (Masonry) बांधों में गिना जाता है।

SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA, CDS एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नागार्जुन सागर बांध से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए भारत के प्रमुख बांधों के अध्ययन में इसका विशेष महत्व है।

नागार्जुन सागर बांध का परिचय

नागार्जुन सागर बांध कृष्णा नदी पर स्थित एक विशाल चिनाई बांध (Masonry Dam) है। यह बांध तेलंगाना के नलगोंडा जिले और आंध्र प्रदेश के पलनाडु क्षेत्र की सीमा पर स्थित है। इसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और जल संरक्षण है।

विवरणजानकारी
नामनागार्जुन सागर बांध
नदीकृष्णा नदी
राज्यतेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश
प्रकारMasonry Dam
उद्घाटन1967
प्रमुख उद्देश्यसिंचाई एवं जलविद्युत उत्पादन

नागार्जुन सागर बांध कहाँ स्थित है?

नागार्जुन सागर बांध कृष्णा नदी पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित है। यह हैदराबाद से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित एक प्रमुख पर्यटन एवं जल संसाधन केंद्र है।

परीक्षा तथ्य

  • नदी – कृष्णा
  • राज्य – तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश
  • जिला – नलगोंडा (तेलंगाना) एवं पलनाडु (आंध्र प्रदेश)

नागार्जुन सागर बांध का इतिहास

स्वतंत्रता के बाद भारत में बड़े बहुउद्देशीय परियोजनाओं के विकास की योजना बनाई गई। इसी क्रम में नागार्जुन सागर परियोजना का निर्माण प्रारंभ हुआ।

महत्वपूर्ण वर्ष

  • 1955 – आधारशिला रखी गई
  • 1956 – निर्माण कार्य प्रारंभ
  • 1967 – परियोजना राष्ट्र को समर्पित

यह परियोजना भारत की प्रारंभिक बड़ी सिंचाई एवं जलविद्युत योजनाओं में से एक मानी जाती है।

नागार्जुन सागर बांध की ऊंचाई और लंबाई

नागार्जुन सागर बांध विश्व के सबसे बड़े चिनाई बांधों में से एक है।

विशेषताविवरण
ऊंचाईलगभग 124 मीटर
लंबाईलगभग 1.55 किमी
गेटों की संख्या26
प्रकारMasonry Dam

नागार्जुन सागर जलाशय

इस बांध द्वारा निर्मित नागार्जुन सागर जलाशय भारत के सबसे बड़े कृत्रिम जलाशयों में से एक है।

प्रमुख विशेषताएँ

  • विशाल जल भंडारण क्षमता
  • कृषि सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण
  • मत्स्य पालन को बढ़ावा
  • पर्यटन का प्रमुख केंद्र

नागार्जुन सागर बांध के उद्देश्य

1. सिंचाई

परियोजना का प्रमुख उद्देश्य तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लाखों एकड़ कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान करना है।

2. जलविद्युत उत्पादन

बांध से जलविद्युत उत्पादन कर राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड को बिजली उपलब्ध कराई जाती है।

3. जल संरक्षण

जलाशय क्षेत्र में वर्षा जल का संरक्षण किया जाता है।

4. क्षेत्रीय विकास

परियोजना ने कृषि, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा दिया।

नागार्जुन सागर परियोजना की नहरें

जवाहर नहर (Right Canal)

यह नहर मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के कृषि क्षेत्रों को सिंचाई सुविधा प्रदान करती है।

लाल बहादुर शास्त्री नहर (Left Canal)

यह नहर तेलंगाना के विभिन्न क्षेत्रों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराती है।

नागार्जुनकोंडा और बौद्ध विरासत

नागार्जुन सागर परियोजना का एक ऐतिहासिक पक्ष भी है। बांध निर्माण के दौरान प्राचीन बौद्ध स्थल नागार्जुनकोंडा का संरक्षण किया गया। वर्तमान में यह क्षेत्र जलाशय के बीच स्थित एक द्वीप के रूप में प्रसिद्ध है।

नागार्जुन सागर बांध का आर्थिक महत्व

कृषि विकास

सिंचाई सुविधाओं ने फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की।

बिजली उत्पादन

ऊर्जा उत्पादन से क्षेत्रीय विकास को गति मिली।

पर्यटन

नागार्जुन सागर, नागार्जुनकोंडा और बोटिंग सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

मत्स्य पालन

जलाशय क्षेत्र में मत्स्य पालन उद्योग विकसित हुआ।

यह भी पढ़ें

नागार्जुन सागर बांध से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • कृष्णा नदी पर स्थित है।
  • विश्व के सबसे बड़े Masonry Dams में शामिल।
  • 26 विशाल जलद्वार (Gates) हैं।
  • तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों को लाभ पहुंचाता है।
  • भारत की प्रारंभिक बहुउद्देशीय परियोजनाओं में शामिल है।

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • बांध – नागार्जुन सागर बांध
  • नदी – कृष्णा नदी
  • राज्य – तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश
  • ऊंचाई – लगभग 124 मीटर
  • उद्घाटन – 1967
  • विशेषता – विश्व के सबसे बड़े चिनाई बांधों में से एक

FAQs

नागार्जुन सागर बांध किस नदी पर बना है?

कृष्णा नदी पर।

नागार्जुन सागर बांध किस राज्य में स्थित है?

यह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित है।

नागार्जुनकोंडा क्यों प्रसिद्ध है?

यह प्राचीन बौद्ध सभ्यता और पुरातात्विक अवशेषों के लिए प्रसिद्ध है।

नागार्जुन सागर परियोजना का मुख्य लाभ क्या है?

सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन।

क्या नागार्जुन सागर भारत के प्रमुख बांधों में शामिल है?

हाँ, यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय बांधों में से एक है।

निष्कर्ष

नागार्जुन सागर बांध कृष्णा नदी पर स्थित भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक है। यह सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन, जल संरक्षण और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से नागार्जुन सागर बांध, कृष्णा नदी, नागार्जुनकोंडा और इसकी नहर प्रणाली से जुड़े तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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