West Flowing Rivers of India | भारत की पश्चिमवाहिनी नदियाँ

भारत की अधिकांश नदियाँ पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण नदियाँ पश्चिम दिशा में बहते हुए अरब सागर में मिलती हैं। इन्हें पश्चिमवाहिनी नदियाँ (West Flowing Rivers) कहा जाता है। SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत की पश्चिमवाहिनी नदियों से संबंधित…

भारत की अधिकांश नदियाँ पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण नदियाँ पश्चिम दिशा में बहते हुए अरब सागर में मिलती हैं। इन्हें पश्चिमवाहिनी नदियाँ (West Flowing Rivers) कहा जाता है। SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत की पश्चिमवाहिनी नदियों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

पश्चिमवाहिनी नदी क्या होती है?

जो नदियाँ अपने उद्गम स्थल से पश्चिम दिशा की ओर बहते हुए अरब सागर या कच्छ की खाड़ी में गिरती हैं, उन्हें पश्चिमवाहिनी नदियाँ कहा जाता है।

भारत की प्रमुख पश्चिमवाहिनी नदियाँ हैं:

  • नर्मदा
  • ताप्ती (तापी)
  • माही
  • साबरमती
  • लूनी
  • पेरियार
  • भरतपुझा
  • मांडवी
  • जुआरी

भारत की प्रमुख पश्चिमवाहिनी नदियाँ

नदीउद्गम स्थलगिरती है
नर्मदाअमरकंटक पठारअरब सागर
ताप्तीमुलताई (मध्य प्रदेश)अरब सागर
माहीविंध्य पर्वतमालाखंभात की खाड़ी
साबरमतीअरावली पर्वतमालाखंभात की खाड़ी
लूनीअरावली पर्वतमालाकच्छ का रण
पेरियारपश्चिमी घाटअरब सागर
भरतपुझापश्चिमी घाटअरब सागर

नर्मदा नदी

नर्मदा नदी भारत की सबसे महत्वपूर्ण पश्चिमवाहिनी नदी है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • उद्गम: अमरकंटक (मध्य प्रदेश)
  • लंबाई: लगभग 1,312 किमी
  • अरब सागर में गिरती है।
  • नर्मदा रिफ्ट घाटी से होकर बहती है।
  • मध्य प्रदेश और गुजरात के लिए महत्वपूर्ण।

परीक्षा तथ्य

  • भारत की सबसे लंबी पश्चिमवाहिनी नदी।
  • नर्मदा और ताप्ती रिफ्ट घाटियों में बहती हैं।

ताप्ती (तापी) नदी

महत्वपूर्ण तथ्य

  • उद्गम: मुलताई (मध्य प्रदेश)
  • लंबाई: लगभग 724 किमी
  • अरब सागर में गिरती है।
  • महाराष्ट्र और गुजरात से होकर बहती है।

माही नदी

महत्वपूर्ण तथ्य

  • उद्गम: मध्य प्रदेश
  • राजस्थान और गुजरात से होकर बहती है।
  • खंभात की खाड़ी में गिरती है।
  • कर्क रेखा को दो बार पार करती है।

परीक्षा तथ्य

  • कर्क रेखा को दो बार पार करने वाली भारत की प्रमुख नदी।

साबरमती नदी

महत्वपूर्ण तथ्य

  • उद्गम: अरावली पर्वतमाला
  • गुजरात की प्रमुख नदी
  • अहमदाबाद शहर इसके किनारे स्थित है।
  • खंभात की खाड़ी में गिरती है।

लूनी नदी

महत्वपूर्ण तथ्य

  • राजस्थान की सबसे बड़ी आंतरिक प्रवाह वाली नदी।
  • अरावली पर्वतमाला से निकलती है।
  • कच्छ के रण में समाप्त हो जाती है।
  • समुद्र तक नहीं पहुँचती।

पेरियार नदी

महत्वपूर्ण तथ्य

  • केरल की सबसे लंबी नदी।
  • पश्चिमी घाट से निकलती है।
  • अरब सागर में गिरती है।
  • इडुक्की बांध इसी नदी पर स्थित है।

भरतपुझा नदी

महत्वपूर्ण तथ्य

  • केरल की दूसरी सबसे लंबी नदी।
  • पश्चिमी घाट से निकलती है।
  • अरब सागर में मिलती है।

पश्चिमवाहिनी और पूर्ववाहिनी नदियों में अंतर

पश्चिमवाहिनी नदियाँपूर्ववाहिनी नदियाँ
अरब सागर में गिरती हैंबंगाल की खाड़ी में गिरती हैं
संख्या कम हैसंख्या अधिक है
डेल्टा कम बनाती हैंविशाल डेल्टा बनाती हैं
नर्मदा, ताप्ती प्रमुख उदाहरणगंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी

यह भी पढ़ें

परीक्षा उपयोगी तथ्य

प्रश्नउत्तर
सबसे लंबी पश्चिमवाहिनी नदीनर्मदा
रिफ्ट घाटी में बहने वाली नदीनर्मदा एवं ताप्ती
कर्क रेखा को दो बार पार करने वाली नदीमाही
अहमदाबाद किस नदी के किनारे है?साबरमती
राजस्थान की प्रमुख पश्चिमवाहिनी नदीलूनी
केरल की सबसे लंबी नदीपेरियार

FAQs

भारत की सबसे लंबी पश्चिमवाहिनी नदी कौन-सी है?

नर्मदा भारत की सबसे लंबी पश्चिमवाहिनी नदी है।

पश्चिमवाहिनी नदियाँ किस सागर में गिरती हैं?

अधिकांश पश्चिमवाहिनी नदियाँ अरब सागर में गिरती हैं।

माही नदी क्यों प्रसिद्ध है?

माही नदी कर्क रेखा को दो बार पार करने के लिए प्रसिद्ध है।

लूनी नदी कहाँ समाप्त होती है?

लूनी नदी राजस्थान के कच्छ के रण में समाप्त हो जाती है।

नर्मदा और ताप्ती की विशेषता क्या है?

दोनों नदियाँ रिफ्ट घाटियों में बहती हैं।

निष्कर्ष

भारत की पश्चिमवाहिनी नदियाँ भारतीय भूगोल का महत्वपूर्ण विषय हैं। नर्मदा, ताप्ती, माही, साबरमती, लूनी और पेरियार जैसी नदियाँ पश्चिम दिशा में बहते हुए अरब सागर या कच्छ की खाड़ी में मिलती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इन नदियों के उद्गम, प्रवाह क्षेत्र, सहायक नदियों और विशेषताओं से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए इनका अध्ययन अवश्य करना चाहिए।

Leave a Reply

Discover more from Current Affairs PCS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading