भारत की अधिकांश नदियाँ पूर्व दिशा की ओर बहती हैं और अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। इन्हें पूर्ववाहिनी नदियाँ (East Flowing Rivers) कहा जाता है। भारत की प्रमुख नदी प्रणालियाँ जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और महानदी इसी श्रेणी में आती हैं। SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत की पूर्ववाहिनी नदियों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
पूर्ववाहिनी नदी क्या होती है?
जो नदियाँ अपने उद्गम स्थल से पूर्व दिशा की ओर बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, उन्हें पूर्ववाहिनी नदियाँ कहा जाता है।
भारत की लगभग 80% प्रमुख नदियाँ पूर्ववाहिनी हैं।
भारत की प्रमुख पूर्ववाहिनी नदियाँ
| नदी | उद्गम स्थल | गिरती है |
|---|---|---|
| गंगा | गंगोत्री हिमनद | बंगाल की खाड़ी |
| यमुना | यमुनोत्री हिमनद | गंगा नदी |
| ब्रह्मपुत्र | तिब्बत (अंग्सी हिमनद क्षेत्र) | बंगाल की खाड़ी |
| गोदावरी | त्र्यंबकेश्वर, महाराष्ट्र | बंगाल की खाड़ी |
| कृष्णा | महाबलेश्वर, महाराष्ट्र | बंगाल की खाड़ी |
| कावेरी | ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ | बंगाल की खाड़ी |
| महानदी | सिहावा, छत्तीसगढ़ | बंगाल की खाड़ी |
| पेन्नार | कर्नाटक | बंगाल की खाड़ी |
| सुवर्णरेखा | छोटानागपुर पठार | बंगाल की खाड़ी |
गंगा नदी
गंगा भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदी है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- उद्गम: गंगोत्री हिमनद
- लंबाई: लगभग 2525 किमी
- भारत की सबसे पवित्र नदी
- विशाल डेल्टा का निर्माण करती है
ब्रह्मपुत्र नदी
महत्वपूर्ण तथ्य
- तिब्बत में त्सांगपो नाम से बहती है।
- भारत में अरुणाचल प्रदेश से प्रवेश करती है।
- गंगा के साथ मिलकर सुंदरवन डेल्टा बनाती है।
- भारत की सर्वाधिक जल वहन करने वाली नदी।
गोदावरी नदी
महत्वपूर्ण तथ्य
- दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी
- “दक्षिण गंगा” के नाम से प्रसिद्ध
- महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है।
कृष्णा नदी
महत्वपूर्ण तथ्य
- उद्गम: महाबलेश्वर
- महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है।
- बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
कावेरी नदी
महत्वपूर्ण तथ्य
- उद्गम: ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ (कर्नाटक)
- दक्षिण भारत की पवित्र नदी
- कर्नाटक एवं तमिलनाडु के लिए महत्वपूर्ण
महानदी
महत्वपूर्ण तथ्य
- उद्गम: सिहावा पहाड़ियाँ, छत्तीसगढ़
- हीराकुंड बाँध इसी नदी पर स्थित है।
- ओडिशा में विशाल डेल्टा बनाती है।
पूर्ववाहिनी नदियों की विशेषताएँ
प्रमुख विशेषताएँ
- अधिकांश नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
- विशाल डेल्टा का निर्माण करती हैं।
- सिंचाई और कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।
- भारत के बड़े नदी बेसिन इसी श्रेणी में आते हैं।
पूर्ववाहिनी एवं पश्चिमवाहिनी नदियों में अंतर
| पूर्ववाहिनी नदियाँ | पश्चिमवाहिनी नदियाँ |
|---|---|
| बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं | अरब सागर में गिरती हैं |
| संख्या अधिक है | संख्या कम है |
| बड़े डेल्टा बनाती हैं | मुहाना (Estuary) अधिक बनाती हैं |
| गंगा, गोदावरी, कृष्णा | नर्मदा, ताप्ती, माही |
परीक्षा उपयोगी तथ्य
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| भारत की सबसे लंबी नदी | गंगा |
| दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी | गोदावरी |
| दक्षिण गंगा | गोदावरी |
| भारत की सर्वाधिक जल वाली नदी | ब्रह्मपुत्र |
| हीराकुंड बाँध किस नदी पर है? | महानदी |
| सुंदरवन डेल्टा किन नदियों से बनता है? | गंगा-ब्रह्मपुत्र |
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FAQs
भारत की पूर्ववाहिनी नदियाँ कौन-कौन सी हैं?
गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी, यमुना और सुवर्णरेखा प्रमुख पूर्ववाहिनी नदियाँ हैं।
पूर्ववाहिनी नदियाँ कहाँ गिरती हैं?
अधिकांश पूर्ववाहिनी नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
दक्षिण भारत की सबसे लंबी पूर्ववाहिनी नदी कौन-सी है?
गोदावरी दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी है।
दक्षिण गंगा किस नदी को कहा जाता है?
गोदावरी नदी को दक्षिण गंगा कहा जाता है।
सुंदरवन डेल्टा किन नदियों से बनता है?
गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों से सुंदरवन डेल्टा बनता है।
निष्कर्ष
भारत की पूर्ववाहिनी नदियाँ भारतीय भूगोल का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और महानदी जैसी नदियाँ देश की कृषि, सिंचाई, जलविद्युत और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनके उद्गम, लंबाई, सहायक नदियों और डेल्टा निर्माण से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
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