पश्चिमी घाट (Western Ghats) भारत के पश्चिमी तट के समानांतर स्थित एक महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला है। इसे सह्याद्रि पर्वतमाला (Sahyadri Range) के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत की सबसे महत्वपूर्ण जैव विविधता (Biodiversity) वाले क्षेत्रों में से एक है और यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।
पश्चिमी घाट भारत की जलवायु, मानसून, नदियों, वन संपदा तथा जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। SSC, UPSC, Railway, Banking, State PCS, NDA एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पश्चिमी घाट से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
पश्चिमी घाट का विस्तार
- कुल लंबाई – लगभग 1,600 किलोमीटर
- दिशा – उत्तर से दक्षिण
- प्रारंभ – ताप्ती नदी के दक्षिण से (गुजरात-महाराष्ट्र सीमा के निकट)
- अंतिम विस्तार – कन्याकुमारी (तमिलनाडु)
जिन राज्यों से होकर गुजरता है
- गुजरात (दक्षिणी भाग)
- महाराष्ट्र
- गोवा
- कर्नाटक
- केरल
- तमिलनाडु
पश्चिमी घाट की प्रमुख विशेषताएँ
- इसे सह्याद्रि पर्वतमाला भी कहा जाता है।
- यह भारत का प्रमुख जल विभाजक (Water Divide) है।
- दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनों को रोककर भारी वर्षा कराता है।
- यह विश्व के 36 Biodiversity Hotspots में से एक है।
- यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित।
पश्चिमी घाट की प्रमुख चोटियाँ
1. अनैमुड़ी (Anamudi)
- ऊँचाई – 2,695 मीटर
- स्थान – केरल
- पश्चिमी घाट की सबसे ऊँची चोटी।
- दक्षिण भारत की भी सबसे ऊँची चोटी।
2. डोड्डाबेट्टा (Doddabetta)
- ऊँचाई – लगभग 2,637 मीटर
- स्थान – नीलगिरि, तमिलनाडु
3. मुल्लायनगिरि (Mullayanagiri)
- ऊँचाई – 1,930 मीटर
- स्थान – कर्नाटक
- कर्नाटक की सबसे ऊँची चोटी।
पश्चिमी घाट के प्रमुख दर्रे
पालघाट दर्रा (Palghat Gap)
- केरल एवं तमिलनाडु के बीच।
- पश्चिमी घाट का सबसे महत्वपूर्ण दर्रा।
थाल घाट
- महाराष्ट्र
भोर घाट
- महाराष्ट्र
- मुंबई एवं पुणे को जोड़ता है।
पश्चिमी घाट से निकलने वाली प्रमुख नदियाँ
- गोदावरी
- कृष्णा
- कावेरी
- तुंगभद्रा
- पेरियार
- शरावती
पश्चिमी घाट के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान
- साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान
- पेरियार राष्ट्रीय उद्यान
- बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान
- नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान
- एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान
- कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान
पश्चिमी घाट का महत्व
1. मानसूनी वर्षा
पश्चिमी घाट दक्षिण-पश्चिम मानसून को रोककर पश्चिमी तटीय राज्यों में भारी वर्षा कराता है।
2. जैव विविधता
यह क्षेत्र हजारों दुर्लभ पौधों, पक्षियों, सरीसृपों एवं स्तनधारियों का प्राकृतिक आवास है।
3. जल संसाधन
भारत की अनेक महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम पश्चिमी घाट से होता है।
4. जलविद्युत उत्पादन
पश्चिमी घाट की नदियों पर अनेक जलविद्युत परियोजनाएँ स्थापित हैं।
5. पर्यटन
- मुन्नार
- ऊटी
- कूर्ग
- महाबलेश्वर
- चिकमगलूर
पश्चिमी घाट एवं पूर्वी घाट में अंतर
| आधार | पश्चिमी घाट | पूर्वी घाट |
|---|---|---|
| निरंतरता | लगभग निरंतर | खंडित |
| ऊँचाई | अधिक | कम |
| वर्षा | अधिक | अपेक्षाकृत कम |
| सर्वोच्च चोटी | अनैमुड़ी | महेन्द्रगिरि |
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- दूसरा नाम – सह्याद्रि
- कुल लंबाई – लगभग 1,600 किमी
- सर्वोच्च चोटी – अनैमुड़ी (2,695 मीटर)
- UNESCO World Heritage Site
- Biodiversity Hotspot
- प्रमुख दर्रा – पालघाट
- प्रमुख नदियाँ – गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, पेरियार
- दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी – अनैमुड़ी
Western Ghats One-Liner Revision
- पश्चिमी घाट का दूसरा नाम – सह्याद्रि
- कुल लंबाई – लगभग 1,600 किमी
- सर्वोच्च चोटी – अनैमुड़ी (2,695 मीटर)
- UNESCO World Heritage Site
- विश्व के 36 Biodiversity Hotspots में शामिल
- प्रमुख दर्रा – पालघाट
- प्रमुख नदियाँ – गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, पेरियार
- प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान – पेरियार, साइलेंट वैली, एराविकुलम
- दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी – अनैमुड़ी
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- Arvalli Range | अरावली पर्वतमाला
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FAQs
1. पश्चिमी घाट को सह्याद्रि क्यों कहा जाता है?
पश्चिमी घाट का पारंपरिक एवं प्राचीन नाम सह्याद्रि पर्वतमाला है, जिसका उल्लेख अनेक प्राचीन भारतीय ग्रंथों में मिलता है।
2. पश्चिमी घाट की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है?
अनैमुड़ी (2,695 मीटर) पश्चिमी घाट तथा पूरे दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी है।
3. पश्चिमी घाट को UNESCO विश्व धरोहर स्थल क्यों घोषित किया गया?
इस क्षेत्र की असाधारण जैव विविधता, दुर्लभ वनस्पतियों एवं वन्यजीवों तथा पारिस्थितिक महत्व के कारण UNESCO ने इसे World Heritage Site घोषित किया है।
4. पश्चिमी घाट से कौन-कौन सी प्रमुख नदियाँ निकलती हैं?
गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, तुंगभद्रा, पेरियार एवं शरावती जैसी अनेक महत्वपूर्ण नदियाँ पश्चिमी घाट से निकलती हैं।
5. प्रतियोगी परीक्षाओं में पश्चिमी घाट से कौन-कौन से प्रश्न पूछे जाते हैं?
SSC, UPSC, Railway एवं State PCS परीक्षाओं में इसकी सर्वोच्च चोटी, प्रमुख दर्रे, UNESCO दर्जा, जैव विविधता, राष्ट्रीय उद्यान, नदियाँ एवं पूर्वी घाट से अंतर से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
निष्कर्ष
पश्चिमी घाट भारत की सबसे महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। यह न केवल भारत की जलवायु और मानसून को प्रभावित करता है, बल्कि जैव विविधता, जल संसाधनों, वन संपदा और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पश्चिमी घाट की प्रमुख चोटियाँ, दर्रे, राष्ट्रीय उद्यान, नदियाँ तथा UNESCO World Heritage से संबंधित तथ्य अवश्य याद रखने चाहिए।
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